वर्तमान समय में देखने को मिलता हैं कि कई लोग मानसिक तनाव में आकर कई बार ऐसे कदम उठा लेते हैं जो सभी को सोचने पर मजबूर कर देते हैं। ऐसा ही एक अजीब मामला उत्तर प्रदेश में सामने आया हैं जहां एक लड़की ने अपनी जान सिर्फ इस गम में दे दी कि उसकी भैंस गुम हो गई थी। सुनकर आपको यकीन तो नहीं हो रहा होगा लेकिन यह सच है। जिस किसी ने भी इस मामले के बारे में जाना वह हैरान रह गया। ये खबर आप हिमाचली खबर में पढ़ रहे हैं। । इस मामले को जालौन के कुरोना गांव की बताया जा रहा है।
बताया जा रहा है इस लड़की का अपनी भैंस के साथ इतना लगाव था कि जब वह घर नहीं लौटी तो वह बुरी तरह परेशान हो गई। वहीँ उसके बाद उसने उसे ढूंढने की लाख कोशिशें कीं लेकिन जब वह नहीं मिली तो वह परेशान रहने लगी। काफी दिनों तक परेशान रहने के बाद आखिर में 20 जुलाई को उसने अपने घर में फांसी लगा ली। वहीँ परिजन ये देख हैरान रह गए और इलाज के लिए उसे अस्पताल भी ले जाया गया लेकिन उसकी मौत हो गई।
गांव के बैनी केवट ने तीन भैंसें पाली हुई थीं और इनकी देखभाल बेटी रजनी किया करती थी। वह भैंसों के चारे से लेकर पानी और उनकी हर जरूरत का ख्याल रखने का काम करती थी। वहीँ रजनी के पिता ने बताया कि 8 जुलाई को भैंसें चरने के लिए छोड़ी थीं लेकिन वे लौटकर नहीं आईं।
भैंसों के गुम होने की वजह से रजनी बहुत दुखी रहने लगी और 20 जुलाई को उसने फांसी लगा ली। उसके बाद उसे इलाज के लिए उरई से झांसी मेडिकल कॉलेज ले जाया गया लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
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